देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने जून 2026 की शुरुआत में एक बार फिर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा कर दिया है। चालू वर्ष में यह लगातार 7वीं बार है जब व्यावसायिक इस्तेमाल वाले गैस सिलेंडर महंगे हुए हैं। पिछले 6 महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब 97 फीसदी का उछाल आ चुका है, जिसने रेस्तरां, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है।
दिल्ली में 42 रुपए और कोलकाता में 53.50 रुपए बढ़े दाम
आईओसीएल (IOCL) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अब ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई हैं:
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दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जून के महीने में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3,113.50 रुपए हो गए हैं।
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कोलकाता: कोलकाता में इस बार सबसे ज्यादा 53.50 रुपए की बढ़ोतरी देखी गई। इसके बाद यहां कमर्शियल एलपीजी की कीमतें बढ़कर 3,255.50 रुपए प्रति सिलेंडर पर पहुंच गई हैं।
6 महीने में ₹1,533 महंगा हुआ सिलेंडर
इस साल कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में आई तेजी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केवल मई के महीने में ही इसमें 993 रुपए की रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिसने इसकी कीमत को पहली बार 3000 रुपए के पार पहुंचाया था। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 महीनों के भीतर दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर 1,533 रुपए (लगभग 97 फीसदी) तक महंगा हो चुका है, जो भारतीय बाजार के इतिहास में अभूतपूर्व है।
छोटू सिलेंडर भी हुआ महंगा, घरेलू मोर्चे पर राहत
कमर्शियल गैस के साथ-साथ दुकानों और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 5 किलोग्राम वाले 'छोटू' सिलेंडर की कीमतों में भी आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, इन सब के बीच देश के मध्यम वर्ग और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल के बावजूद घरेलू गैस के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे आम जनता को महंगाई के इस दौर में एक बड़ी फौरी राहत मिली है।