आज के दौर में जहां सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तस्वीर बदल रहे हैं, वहीं अभिनेत्री सादिया खतीब का मानना है कि कलाकारों को इस बदलाव से घबराने के बजाय इसे अवसर के रूप में देखना चाहिए। उनके अनुसार, हर दिन नए चेहरे और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि इंडस्ट्री में काम और संभावनाएं दोनों बढ़ रही हैं।
सादिया का कहना है कि प्रतिस्पर्धा किसी भी रचनात्मक क्षेत्र का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन एक कलाकार की असली ताकत अपने काम पर ध्यान बनाए रखने में होती है। वह मानती हैं कि दूसरों की सफलता, उनकी यात्रा या सोशल मीडिया पर दिखने वाली चीजों से खुद की तुलना करना केवल अनावश्यक दबाव पैदा करता है। इसलिए वह अपना पूरा फोकस अपने प्रदर्शन और अपने लक्ष्यों पर रखती हैं।
अभिनेत्री का मानना है कि आज के डिजिटल युग में सबसे बड़ी चुनौती बाहरी शोर से खुद को बचाए रखना है। उनके मुताबिक, कई ऐसी चीजें होती हैं जो किसी व्यक्ति के नियंत्रण में नहीं होतीं और उन पर ऊर्जा खर्च करने का कोई लाभ नहीं है। यही सोच उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रहने और अपने करियर को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद करती है।
युवा कलाकारों को सलाह देते हुए सादिया कहती हैं कि ऑनलाइन दिखाई देने वाली हर बात पर भरोसा करने के बजाय उन्हें अपनी पहचान और क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए। उनका मानना है कि ट्रेंड्स के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी खुद को समझना और अपने सफर पर भरोसा रखना है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सादिया हाल ही में फिल्म 'दादी की शादी' में नजर आई थीं और अब वह ओमंग कुमार की आगामी फिल्म 'सिला' में हर्षवर्धन राणे के साथ दिखाई देंगी।